negotiation in hindi

What is Negotiation in Hindi – मोलभाव क्या होता हैं? इसका महत्व और इसके प्रकार

Hard Skills हम सभी के लिए जरूरी होती हैं क्योंकि इन्ही की वजह से हमे रोजगार प्राप्त होता हैं लेकिन जिंदगी को सरल और आसान बनाने के लिए Soft Skills भी उतनी ही जरूरी हैं। Soft Skills कई प्रकार की होती है और उन्ही में से एक सॉफ्ट स्किल निगोशीऐशन (Negotiation in hindi)भी हैं जिसे हम सब सरल भाषा मे ‘मोलभाव’ बोलते हैं।

अगर एक बार सोचिए कि आप बाजार जाते है और कोई कपड़ा खरीदकर लाते हैं, अपने उस कपड़े के लिए 700 रुपये चुकाए हैं लेकिन घर आकर आपसे कहा जाए कि यह कपड़ा 500 रुपये में आसानी से मिल जाता तो आपको कैसा लगेगा?

पैसा एक महत्वपूर्ण चीज है और इसे खोना कोई बेहतरीन बात नहीं हैं। यही कारण हैं की आपको मोलभाव करना आना चाहिए। प्रॉफेशनल लाइफ में भी मोलभाव जरूरी होता हैं जैसे कि डील करते वक्त आदि। इस लेख में हम ‘मोलभाव क्या होता है और क्यों जरुरी हैं’ (What is Negotiation in Hindi) के बारे में बात करेंगे।

मोलभाव क्या हैं? What is Negotiation in Hindi

मोलभाव एक कला हैं या फिर कहा जा सकता हैं की यह एक प्रकार की Soft Skill हैं! मोल भाव के माध्यम से आप अधिकतर वस्तुओं की कीमत को कम करा सकते हैं। जिन लोगो को ऑनलाइन शॉपिंग करना पसन्द है या फिर जो लोग सीधे सुपरमार्ट्स जैसे कि डी-मार्ट आदि में जाकर शॉपिंग करते हैं उनके लिए मोलभाव नही हैं। यह एक कला है या फिर कहा जाए तो मजा हैं।

 मोलभाव में आप कीमत को कम या ज्यादा करवा सकते हैं। मोलभाव बेचने वाले और खरीदने वाले दोनो के लिए ही जरूरी हैं। अगर बेचने वाले को मोलभाव नही आता तो वह घाटा खायेगा और अगर खरीदने वाले को मोलभाव नही आता तो वो घाटा खायेगा।

अगर सरल भाषा मे आप Negotiation skills को समझना चाहते हो तो जब हम बाजार या फिर किसी दुकान पर कोई वस्तु खरीदने जाते है और हमे उसकी कीमत ज्यादा लगती हैं तो हम उसकी कीमत कम करवाते हैं। दुकानदार के द्वारा 1000 कीमत बताई जाने पर वस्तु को दुकानदार से बातचीत करके 600, 700 या 800 जैसी कम कीमतों पर लाना ही मोलभाव कहलाता हैं।

वही अगर प्रॉफेशनल नजर से देखा जाए तो आप जिस वस्तु को 500 रुपये में खरीदकर लाते है और और आप उसे 600 में बेचकर प्रॉफिट कमा सकते है लेकिन ग्राहक के 500 की कीमत बताने पर उस वस्तु को 600, 700 या 800 तक कि कीमत में बेचना मोलभाव हैं। यानी कि कीमत को बातचीत के द्वारा कम या ज्यादा करवाने की प्रक्रिया को मोलभाव कहा जाता हैं। मोलभाव को ही अंग्रेजी भाषा मे नेगोशिएशन (Negotiation) कहा जाता है।

उम्मीद हैं आप ‘मोलभाव क्या हैं’ (What is Negotiation in Hindi) समझ गए होंगे। लेकिन यह किस्सा यहा पर ही खत्म नही होता। मोलभाव के बारे में काफी सारी बाते जानना अभी बाकी हैं, जैसे कि मोलभाव की प्रक्रिया, मोलभाव के स्टेजेस और मोलभाव कैसे करे आदि।

मोलभाव क्यों जरूरी हैं? Importance of Negotiation in Hindi

Negotiation skills हर व्यक्ति के लिए जरूरी होता हैं। इसे एक जरुरी Soft Skill के तौर पर देखा जा सकता हैं। हम उस समय मे जी रहे हैं जहाँ कोई हमे लूटना चाहता हैं तो कोई हमसे फायदा प्राप्त करना चाहता हैं। यही कारण हैं कि चाहे बात प्रॉफेशनल काम की हो या सामान्य Grocery खरीदने की, Negotiation जरूरी हैं। मोलभाव करना आपके पैसो के स्टेटस को नही दिखाता बल्कि यह एक जरुरी चीज हैं।

अमीर से अमीर लोग भी मोलभाव किया करते हैं। मोलभाव के बिना बिजनेस भी सम्भव नही हैं। अगर आप एक Fix Price वाला बिजनेस भी शुरू करते हैं तो भले ही बेचने के लिए नही पर खरीदने के लिए तो आपको मोलभाव करना ही पड़ेगा।

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मोलभाव के चरण (Stages of Negotiation in Hindi)

मोलभाव आज के समय मे एक जरुरी Skill हैं और यह हम सभी के पास होनी चाहिए। अगर आप मोलभाव करना चाहते हो तो इसके लिए आपको मोलभाव के चरणों के बारे में पता होना चाहिये। मोलभाव के चरण कुछ इस प्रकार हैं:

  • Preparation (तैयारी)
  • Discussion (चर्चा)
  • Clarification of Goals (लक्ष्यों के स्पष्टीकरण)
  • Negotiate towards a win-win outcome (जीत की और आखिरी बातचीत)
  • Agreement (समझौता)

Preparation : मोलभाव से पहले तैयारी जरूरी हैं। मोलभाव की तैयारी से मतलब हैं की आपको पता होना चाहिए कि आप मोलभाव कहा, किस्से और कब करेंगे। मोलभाव का समय भी तय करके रखे कि आप इतने Price तक ही मोलभाव करेंगे। इससे निर्णय नजदीक आता हैं। मोलभाव करने से पहले आपको प्रोडक्ट के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए।

सामने वाला व्यक्ति क्या चाहता हैं यह पता होना चाहिए। आपको पता होना चाहिए कि आप किस कीमत में खरीदना चाहते हो और उस कीमत तक पहुंचने के लिए आप किस कीमत से शुरू करना चाहोगे। यह तैयारी आपको बेहतर मोलभाव करने में मदद करती हैं।

Discussion : मोलभाव के दौरान सबसे महत्वपूर्ण चरण डिस्कशन होती हैं। डिस्कशन की दौरान दोनों या फिर अधिक वर्गों के लोग अपनी अपनी राय रखते हैं। अगर आप एक Seller हो तो प्रोडक्ट के बारे में आपको अधिक से अधिक क्वालिटीज(Quality) को बताना होगा और उसकी कीमत क्यों वाजिब है यह साबित करना होगा।

अगर आप एक ग्राहक हो या Product खरीद रहे हो तो आप को यह साबित करना होगा कि आपके द्वारा लगाई जा रही कीमत क्यों वाजिब है । दोनों ही पक्ष को एक दूसरे की बात ध्यान से सुननी होगी। इस चरण में मुख्य रूप से प्रोडक्ट की बात ही होगी है जिसके लिए मोलभाव किया जाना हैं।

Clarification of Goals : क्योंकि हम प्रोडक्ट के बारे में अच्छी तरीके से जान चुके हैं और सामने वाले की पूरी बातें सुन चुके हैं तो अब हमें यह Goal सेट करना होता है कि हम इसे किस कीमत में खरीदने वाले हैं। एक ऐसा कोई Price अपने दिमाग में सेट करें जिससे आपको लगे कि आप प्रोडक्ट को वाजिब कीमत में खरीद रहे हैं और आपका फायदा हो रहा है।

वहीं अगर आप एक बेचने वाले हैं तो आपके दिमाग में आपको एक ऐसा Goal सेट करना है जिससे आपका अच्छा मुनाफा भी हो और सामने वाले ग्राहक को ऐसा भी लगे की वह वाजिब कीमत में प्रोडक्ट लेकर जा रहा है।

Negotiate towards a win-win outcome : यह Negotiation skills यानी कि मोलभाव का सबसे मुख्य चरण माना जाता है क्योंकि इस चरण में आपको सामने वाले व्यक्ति के साथ यह तय करना होता है कि आप इस प्रोडक्ट को किस कीमत में खरीदोगे और अगर आप बेचने वाले हो तो आपको ग्राहक को यह बताना होगा कि आप उसे किस कीमत में बेचोगे।

अगर सामने वाले व्यक्ति ने अधिक कीमत बताई है तो आपको प्रोडक्ट के अनुसार थोड़ी कम कीमत बतानी होगी और अगर आप को Product बेचना है तो आपको ग्राहक के साथ डिस्कशन(Discussion) में पता चली जानकारी के अनुसार उसे ऐसी कीमत बतानी होगी जिससे आपका फायदा हो सके। क्योंकि आप यह जानते हैं कि वह ग्राहक भी कीमत कम करने वाला हैं।

Agreement : क्योंकि अब आप तय कर चुके हो कि आप किस कीमत में प्रोडक्ट खरीदने वाले हो या किस कीमत में प्रोडक्ट बेचने वाले हो और आपने अपने सामने वाले व्यक्ति के साथ कीमत के बारे में चर्चा भी की है तो इस चरण में अब आप आख़िर में एग्रीमेंट(Agreement) कर सकते हो।

जैसे कि आपने बेचने की कीमत 1000 रुपए बताई थी और ग्राहक ने खरीदने की कीमत 500 रुपये बताई थी तो आप 700 या 800 में एग्रीमेंट कर सकते हैं। इसके बाद बिल तैयात होगा या Legally Product को खरीदा जाएगा।

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