communication skills in hindi

Communication Skills को कैसे बढ़ाएं-कम्युनिकेशन स्किल्स इन हिंदी

किसी भी जॉब को करने के लिए या अपनी पर्सनालिटी को डेवलप करने के लिए हमें बेहतर Communication Skills की आवश्यकता होती है। आज की पोस्ट में हम आपको Communication Skills Improve kaise Kare इसके बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। आप भी अपनी कम्यूनिकेशन स्किल्सको सुधारना चाहते है तो आज की पोस्ट आपके लिए है। हम आपको बताएँगे की आप किस तरह से अपनी Communication Skills in hindi को सुधार सकते है।

Communication Skills Kya Hai (कम्युनिकेशन स्किल क्या है?)

Communication का मतलब होता है, बातचीत करना।  आप किन्ही दो लोगो के बिच बात कर रहे है, या किसी के सामने अपनी बात रखना चाहते है, तो इसके लिए आपको सबसे पहले अपनी Communication Skills को बेहतर करना होता है। कम्यूनिकेशन स्किल्स जितनी बेहतर होती है आप लोगो को अपनी बात को सही तरीके से समझा सकते है। इसके लिए आपको कई बातों का ध्यान  रखना होता है। 

कम्यूनिकेशन स्किल्स में आपके बोलते के तरिके, आपके हाव-भाव किस तरीके से Use होते हैं यह सभी कुछ इसमें देखा जाता है। यदि आपका कम्यूनिकेशन स्किल्स बेहतर है, तो आप अपने द्वारा किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकते है।  आज कम्यूनिकेशन स्किल्स को सुधारने के लिए कई लोग कोचिंग क्लास का सहारा लेते है, लेकिन हम आपको यहां पर इसे फ्री में बताएंगे।  इसके माध्यम से आप अपनी कम्युनिकेशन स्किल को बेहतर बना सकते है।  

कम्युनिकेशन स्किल बढ़ाने के टिप्स 

हम आपको निचे Communication Skills बढ़ाने के टिप्स प्रदान करेंगे। जिसके माध्यम से आप अपने कम्यूनिकेशन स्किल्स को बेहतर बना सकते है। तो आइये जानते हैं उन 8 तरीकों को जिनकी Practice करके आप Communication Skills Improve कर पाएंगे। अच्छा कम्यूनिकेशन स्किल्स सीखने के लिए अपने अंदर आपको कुछ परिवर्तन लाने होते है, जो आपको आगे अपनी यक्तित्व को उभारने में मदद करते है। आप Communication Skills को बेहतर बनाने के विभिन्न तरीकों में यह सभी कुछ जान पाएंगे की हमे क्या आदत डालना है, और कोनसी छोड़ना है।  

प्रभावशाली कम्यूनिकेशन स्किल्स से आप अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते है। यह आज अच्छी नौकरी पाने से लेकर अपने व्यापर को बढ़ाने में मदद करती है। इसके माधयम से आप वरिष्ठ प्रबंधन स्तर से लेकर सबसे कम कर्मचारी तक सभी स्तरों पर इम्प्लीमेंट कर सकते है। यदि आप कोई व्यवसाय करते है, या आप किसी तरह की सर्विस सेल करते है, तो ऐसे में आपको अपनी भीतर कम्यूनिकेशन स्किल्स का उपयोग करने की आवश्यकता होती है।  

बॉडी लैंग्वेज को सुधारें 

कम्यूनिकेशन स्किल्स में सबसे पहले आपको अपनी बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान देना होता है।  यह कम्यूनिकेशन स्किल्स का सबसे महत्पूर्ण पहलु होता है। जब आप किसी से बात करते है, तो वह आपकी बॉडी से काफी प्रभावित होता है, ऐसे में आपको अपनी बॉडी lenguage पर विशेष ध्यान देना होता है।  जब आप बोल कुछ बोल रहे हो तो, आपकी बॉडी लैंग्वेज भी उसी तरह से प्रतिक्रिया करना चाहिए।  इससे सुनाने वाले पर गहरा प्रभाव पड़ता है।  यह आपका फर्स्ट इम्प्रैशन होता है, किसी से कम्यूनिकेट करने का। बॉडी लैंग्वेज में कई तरह की चीजे होती है जिन्हे आपको सही करना होता है।  

दुसरो की बाते ध्यान से सुने

हम सभी अपनी बातो को बहुत महत्व देते है और लोगों को सुनना चाहते है, लेकिन हम उनकी बातें इतनी ध्यान से नहीं सुनते है। एक बेहतर व्यक्तित्व को बनाने के लिए हमें दूसरों की बातों को ध्यान से सुनना चाहिए। क्योंकि बेहतर कम्युनिकेशन के लिए जितना जरूरी बोलना होता है उतना ही जरूरी सुनना भी होता है। यदि हम उनकी बातों का जवाब सही देना चाहते है, तो पहले हमे उनकी बाते सुनना जरुरी होता है।  

बोलने की प्रैक्टिस करें

Communication Skills को मजबूत बनाने के लिए आपको अच्छे वक्ता होने की जरूरत होती है। किसी भी Topic को ध्यान से पढ़िए, और उसे समझे तभी आप उसके बारे में बोल सकते है। यदि आपको बोलने के हिचकिचाहत होती है, तो अकेले में बोलने की प्रेक्टिस करे जिससे आप दुसरो के सामने अच्छे से बोल पाएंगे। Different Topics पर Daily Practice कीजिये।  बोलने के लिए उस विषय का चुनाव करे जिसमे आपको अच्छी प्रेक्टिस हो।  

पूर्ण आत्मविश्वास रखे 

आत्मविश्वास का होना बहुत जरुरी होता है, जिस इंसान में आत्मविश्वास की कमी होती है, वह कभी सफल नहीं हो सकता है। जब आप किसी के सामने अपनी बात रखते है तो आपको बातों में विश्वास दिखना जरूरी होता है। यह विश्वास आप तभी दिला पाते है, जब आपके अंदर आत्मविश्वास हो। अगर आप कॉंफिडेंट दीखते है, तो आप लोगों के बीच अपनी बात को सही साबित कर सकते है।

आई कांटेक्ट बेहतर रखें 

यदि आप अपनी कम्यूनिकेशन स्किल्स को सुधारना चाहते है, तो आपको आई कांटेक्ट सही रखना होता है। आई कांटेक्ट का मतलब होता है, जब आप किसी से बात कर रहे होते है, तो आपको उनकी आँखों में देखकर बात करना  होता है, इससे आप उसको अपनी बातो का विश्वास दिला सकते है। यह बात करने का सबसे बेहतर तरीका होता है। आँखों में देख कर बात करते है तो इससे आपका Confidence भी बढ़ता है और सामने वाला व्यक्ति आपको सुनने  में रूचि भी रखता है। जब आप किसी मीटिंग को ले रहे होते है, तो आपको सभी की तरफ देखकर बात करना होती है।

लोगो के Mindset को समझें

जब भी हम किसी से बात  करते है, तो आपको यह पता होना चाहिए की सामने वाला आपकी बातों को ठीक से समझ पा रहा है की नहीं।  कभी कभी हम अपनी बातों को रखना शुरू कर देते है, लेकिन सामने वाले को कुछ भी समझ नहीं आता है। Mindset का मतलब होता है, सुनने वाला क्या चाहता है, वह आपकी बात को कितना समझ पा रहा है, कही आप उससे वो बात तो नहीं कर रहे जो वो सुनना ही नहीं चाहता।  इस तरह की सभी बातों को आपको ध्यान में रखना चाहिए। 

अगर आप लोगों के Mindset को नहीं समझ सकते है, तो आप Successful Communication Develop नहीं कर सकते है। यह स्किल को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।  

अपनी Knowledge को बढ़ाये 

व्यक्तित्व को सुधारने के लिए आपको सभी विषय में अच्छा ज्ञान होना जरुरी है। इसके लिए आप Daily Newspaper पढ़िए, Books पढ़िए लगातार अपने आप को Update करते रहें। इस समय क्या चल रहा है, इसकी पूरी जानकारिया रखिये। अच्छी Films देखिये और Knowledge Base Blogs पढ़िए। यदि आपको अच्छा ज्ञान होगा तो आप सभी से अच्छे से बात कर पाएंगे और लोग आपको ज्यादा पंसद करने लगेंगे।  Knowledge आपकी Communication Skills के साथ साथ personality को भी सुधारने में आपकी मदद करता है। 

Complement देना ना भूले 

हम सभी को अपनी तारीफ बहुत पसंद होती है। ऐसा कोई नहीं होगा जो अपनी तारीफ न सुनना चाहे, इसीलिए हमे भी दूसरों की तारीफ करना चाहिए। यदि कोई अच्छा कार्य करता है, या कोई अच्छी बात बताता है, तो उसके लिए उसको Compliment देना ना भूले यह Better Communication के लिए जरूरी है किसी की Voice Quality की यां Dressing Sense अच्छा है तो उसे भी कॉम्पलिमेंट प्रदान करे। जिससे सामने वाला आपकी बातों में Interest लेगा। हम सभी में कोई न कोई Quality तो होती है. बस आप उसी Quality की तारीफ करें किसी की झूठी तारीफ ना करे यह आपके लिए गलत प्रभाव डालती है।  

नकारात्मक बातों से बचें

नकारात्मक बाते आपके कॉन्फिडेंस लेवल को काम करती है। Negativity से बचें और Positively बातें करें, यदि आप किसी से बात कर रहे है, तो आपको नेगेटिव बातें नहीं सोचना चाहिए । यह आपकी कम्यूनिकेशन स्किल्स को भीतर बनाने से रोकती है। अगर कोई नकारात्मक बातें करता भी हैं तो आप उसे सकारात्मकता से समझाएं, जिससे वह उस बात को आसानी से समझ सके। Communication Skill Improve करने के लिए आपको Positive रहना जरूरी है।

ज्यादा से ज्यादा भाषा का ज्ञान प्राप्त करे 

Communication आपक तभी बेहतर होता है, तब आपको ज्यादा से ज्यादा भाषा का ज्ञान होता है।  यदि आप किसी एक भाषा में ही बात करते है, तो आपकी बात उतनी प्रभावशाली नहीं लगती जितनी उसमे आप अन्य भाषा का भी उपयोग करते है।  जैसे आप हिंदी के साथ इंग्लिश भाषा का इस्तेमाल करते है, तो यह सुनने वाले को ज्यादा प्रभावित कर सकती है।  इसलिए आप ज्यादा से ज्यादा भाषा को सीखे और अपने Communication में उसे शामिल करें।  

पॉइंट टू पॉइंट बातो को रखे 

जब भी आप किसी से बात करे तो आप अपनी बातों को सही तरह से रखने के साथ साथ पॉइंट टू पॉइंट बातो को रखे जिससे सामने वाले को समझने में ज्यादा आसानी हो और वह उसे जल्दी समझ सके। आपको अपनी बातो को जल्दी भी नहीं बोलना है, और ना ही आगे पीछे पॉइंट को करते हुए समझाना है। पॉइंट टू पॉइंट बातों को करना भी Communication Skill का हिस्सा होता है।  

सही शब्दों का प्रयोग करे

कम्यूनिकेशन स्किल्स सुधारने के लिए आप बोलते समय सही शब्दों का प्रयोग करे। आप चाहे तो इसमें बेहतर मुहावरों या किसी के द्वारा कही गयी बातों को शामिल कर सकते है। इससे लोगों को समझने में आसानी होगी, और गलत शब्दों का प्रयोग ना करें। सही शब्दों का चयन करे कभी भी काम चलाऊ जैसे शब्दों का प्रयोग ना करें। इससे आपकी भाषा अभद्र लगती है। अच्छे और आकर्षित शब्दों का प्रयोग करने से लोग ज्यादा आकर्षित होते है। और आपकी बात ध्यान से सुनते है।  

Communication के प्रकार

Communication करने के कई तरीक़े होते है, जिसके माध्यम से दो या दो से ज्यादा लोगो के बिच Communication किया जाता है। हम आपको Communication करने के कुछ विशेष तरीके के बारे में बता रहे है, जिनका मुख्यतः उपयोग किया जाता है।  

  1. दृश्य संचार – यह संचार किसी चीज को देखकर जैसे – तस्वीरों, मूवी , चित्र, रेखाचित्र, चार्ट आदि का उपयोग करके सूचना देने के लिए होता है।
  2. औपचारिक और अनौपचारिक संचार – यह लेटर पेड़ या ईमेल के माध्यम से किया जाता है।  
  3. लिखित संचार – यह लेखन, टाइपिंग या मुद्रण का कार्य के माध्यम से किया जाता है।  
  4. गैर-मौखिक संचार – इस तरह के  संचार में शरीर की भाषा, हाव भाव और बॉडी language का उपयोग होता है।
  5. मौखिक संचार – यह सीधे किसी तरह से बोला जाता है, जो सम्मेलनों और फोन कॉल, बैठकों के दौरान वार्तालाप में उपयोग किया जाता है।

Barrier of Communication

communication में आपको कई तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। communication जितना हम सोचते है, उतना सरल नहीं होता है। यदि आप अपनी Communication Skills को सुधारना चाहते है, तो आपको कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। हम आपको कुछ barrier के बारे में आपको बतायेगे जो communication के दौरान आपके सामने आते है। जैसे –

  • भाषाओ का पूर्ण ज्ञान ना हो पाना जिसे हम भाषा सम्बन्धी अवरोध (Semantic or Language Barriers) कहते है।  
  • किसी बात या शब्दों का त्रुटिपूर्ण अनुवाद करना भी Barrier of Communication में आता है।  
  • communication के दौरान तकनीकी भाषा का प्रयोग करना जिससे श्रोता ठीक से नहीं समझ पाता है।  
  • अनेकार्थी शब्दों का प्रयोग करना जिससे सामने वाले को सही बात ना समझ आये।  
  • Organisational Barriers का होना और अपने से छोटे की बातों को ना सुनना।  
  • प्रतिष्ठात्मक सम्बन्ध (Repertory Relation) का होना जब आपके सामने आपसे बड़े पद का व्यक्ति हो और उसके सामने ना बोल पाना।  
  • संचार साधनों की स्थिति भी communication barrier को जन्म देती है, जिसकी कमी से आप सामने वाले तक अपनी बात नहीं रख पाते है।  
  • डर (Fear) के कारण अपनी बात को नहीं रख पाना।  
  • अपने साथ कार्य करने वाले सहकर्मियों के मध्य मधुर संबंधों का अभाव होना।  
  • किसी तरह का शोर व दूरी भी Barrier of Communication के अंतर्गत आता है।  

इस तरह की सभी परिस्थिति Communication Barrier के अंतर्गत आती है।  

ये भी पढिए :-Interpersonal Skills क्यू जरूरी है ?

इफेक्टिव कम्युनिकेशन से आप क्या समझते है? 

प्रभावी संचार “effective communication” वह होती है जिसमे दो लोगो या दो संगठनों के बीच सही तरह से सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाता है । इफेक्टिव कम्युनिकेशन के अंतर्गत सभी सूचनाएं या सामग्री पूर्ण तरह से सही होती है। जिससे अपने उद्देश्य को प्राप्त किया जा सके, इफेक्टिव कम्युनिकेशन में आप किसी विचार अथवा सूचना देना या अन्य से प्राप्त करना आता है। इसके अंदर सही तरह से सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाता है।

कम्युनिकेशन स्किल क्यों जरुरी है? 

हम सभी को हमारी बात कहना आता है, लेकिन उसे सही तरह से कहना नहीं आता है। यदि आपके पास किसी तरह की प्रोफेशनल स्किल है, तो आप अपनी बात को सही तरह से रख सकते है। यदि आप अपने व्यापार या जॉब में अच्छे से कम्यूनिकेट नहीं कर पाएंगे तो आप सफल नहीं हो सकते है। अच्छी Communication आपको एक बेहतर उपलब्धि प्राप्त करने में मदद करती है।

कम्युनिकेशन स्किल कितने प्रकार के होते है?

कम्युनिकेशन स्किल कई प्रकार के होते है, जिनके माध्यम से हम हमारे विचारों या शब्दों या किसी तरह की लिखित बातों को एक दूसरे के साथ आदान प्रदान करने में सफल होते है। इसके अलावा भी इसके कई प्रकार हो सकते है, जिनका हम कम्युनिकेशन के लिए उपयोग करते है।  जैसे –    
मौखिक संचार Communication
लिखित Communication
अमौखिक Communication
अन्तर्वैयक्तिक Communication
दृश्य Communication
जन-संचार Communication
औपचारिक एवं अनौपचारिक Communication
अन्तर्वैयक्तिक एवं जन-Communication

संचार कौशल के 3 प्रमुख प्रकार कोनसे है? 

संचार कौशल के 3 प्रमुख प्रकार निम्न प्रकार है, जिनका सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है।  
मौखिक संचार – जो शब्दों द्वारा किया जाता है।  
अशाब्दिक संचार – यह मैसेज या अन्य संसाधन द्वारा किया जाता है।  
दृश्य संचार – यह किसी चीज को दिखा कर किया जाता है।

Conclusion-

आज की पोस्ट में आपने जाना की Communication Skills kya hai , और Communication Skills improve कैसे करते है। हमने आपको इस पोस्ट में जो भी टिप्स प्रदान किये है, उन्हें अपने लिए जरूर उपयोग में ले इससे आप Communication Skill को और बेहतर बना सकते है।  Communication Skills in hindi की जानकारी आपको यहां दी गयी है, जिससे आप इसे बेहतर तरीके से समझ सकते है।  हमारे द्वारा दी गयी जानकारी आप अपने दोस्तों को भी दे तथा सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर सकते है।  जिससे यह जानकारी ज्यादा लोगो तक पहुंच सके।  –धन्यवाद

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