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(SVEP)स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम 2021

हाल ही में भारत का नाम उन देशो में शामिल हुआ था जहा सबसे अधिक Billionaires रहते हैं यानी की खरबपति! लेकिन इसके बावजूद भी देश की प्रति व्यक्ति आय काफी कम हैं। शहर लगातार बढ़ते जा रहे हैं और गाँव सिकुड़ते जा रहे हैं, जिसका एक मात्र कारण गांवों में रोजगार ना होना हैं। हमारे देश में शहरों के मुकाबले गांवों की आर्थिक स्थिति काफी खराब हैं।

गांव के लोगो को गरीबी रेखा से ऊपर  लेकर आने ओर उन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए ही ‘स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम’  SVEP (Startup Village Entrepreneurship Programme ) शुरू किया गया हैं।

रोजगार ढूंढने के लिए गांव के लोग शहरों में चले जाते हैं जिस वजह से शहरों की आबादी बढ़ती जा रही है और गांव की कम होती जा रही है। रोजगार की तलाश में  गाँव छोड़कर जाने वाले लोगो को गांव में ही रोजगार देने के उद्देश्य से Startup Village Entrepreneurship Programme शुरू किया गया हैं जिसे SVEP भी कहा जाता हैं।

केंद्र सरकार के द्वारा हाल ही में लांच की गई इस योजना से गांवों में शुरू किये गए लाखो Startups को सपोर्ट मिलेगा जिससे की करोड़ो लोगो को Job मिल सकेगी। इस योजना का उद्देश्य गांव में गरीबी रेखा के नीचे जीवन व्यतीत कर रहे लोगो की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाना हैं

स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम क्या है? (What is Startup Village Entrepreneurship Programme)

स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम यानी की SVEP दीन दयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) से जुड़ी हुई एक उप-योजना हैं जिसका मुख्य उद्देश्य गांव में शुरू किए उद्यमों को आगे ले के जाना हैं। ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम को deendayal antyodaya yojana राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका के तहत शुरू किया गया है

दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका का उद्देश्य गांवों में गरीबी रेखा से नीचे अपना जीवन व्यतीत करने वाले लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना हैं स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम भी इसी मिशन या फिर कहे तो योजना का एक हिस्सा है।

स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम में गांव में शुरू किए जाने वाले startup और छोटे व्यवसायो की मदद करना है ताकि वह बिना किसी समस्या के आगे बढ़ सके और गांवों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके। साल 2016 में देश के विकास मंत्रालय के द्वारा स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम नामक उप योजना को शुरू किया गया था जिसका उद्देश्य गांव में रहने वाले लोगों को उद्यम स्थापना मे सरकार की तरफ से मदद दिलवाना था।

स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता से गांव में शुरू होने वाले उद्यमों को स्थिरता देने का कार्य लिया जा रहा हैं। इस योजना के अंतर्गत न केवल उद्यमों को आर्थिक रूप से सहायता दी जाती है बल्कि उन्हें अपना स्टार्टअप आगे बढ़ाने और बिज़नेस मैनेजमेंट के बारे में भी सिखाया जाता हैं।

यह बात हम सभी जानते हैं कि बड़े शहरों के मुकाबले गाँवों में स्टार्टअप करना काफी मुश्किल होता हैं। शहरों में हमें स्टार्टअप्स के लिए प्रॉपर गाइडलाइंस और वित्तीय मदद मिल जाती है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में यह आसान नहीं होता।

ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त स्टार्टअप्स और व्यवसाय न होने के कारण लोग शहरों की तरफ प्रस्थान करते हैं। इससे सन्तुलन बिगड़ता है। ऐसे में सरकार चाहती है कि गांवों में ही स्टार्टअप से शुरू हो और उन्हें प्रॉफिट मिले जिससे कि गांव के लोग गांव में ही रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। यही कारण हैं स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम  को शुरू किया गया। Startup Village Entrepreneur Programme का उदेश्य उद्यमियों को गांव में स्टार्टअप और व्यवसाय शुरू करने से लेकर उसके प्रबन्धन और प्रॉफिट कमाने तक में मदद कर सकता हैं।

स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम के उद्देश्य – Objectives of Startup Village Entrepreneurship Programme

किसी भी योजना को शुरू करने के पीछे सरकार के एक नही बल्कि कई उद्देश्य होते हैं, स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम के साथ भी कुछ ऐसा ही हैं। स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम (SVEP) योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमियों को startup  शुरू करने में मदद करना, आर्थिक सहायता करना और प्रशिक्षण देना हैं 

जिससे की ग्रामीण क्षेत्रो में रहने वाले लोगो की गरीबी दूर हो सके और अधिक लोगो को रोज़गार मिल सके। अगर सरल भाषा में स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम को समझा जाए तो सरकार इस कार्यक्रम के माध्यम से गांव में शुरू होने वाले स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में स्टार्टअप करने वाले लोगों को वित्तीय सहायता दी जाएगी यानी कि उन्हें कम ब्याज दरों में उधर दिया जाएगा ताकि वह अपना व्यवसाय शुरू कर सके। उद्यमियों को मुद्रा बैंक से भी लोन दिलाया जाएगा। ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों को उनके व्यवसाय से जुड़ी guidelines और उन्हें entrepreneurship के बारे में सटीक जानकारी भी दी जाएगी जिससे की वह अपने business से profit प्राप्त कर सके। 

यह उद्यम व्यक्तिगत या सामूहिक हो सकते हैं। startup को आगे बढ़ाने के लिए व्यवसाय या फिर स्टार्टअप के एक्सपर्ट्स से guidelines भी दिलवाई जाएगी जिससे की नए उद्यमी भी प्रॉफिट कमा सके।

इसके अलावा इस योजना का एक मुख्य उद्देश्य गांव में शुरू होने वाले startup को सरकारी योजनाओं से जोड़ना है ताकि वह उनका फायदा उठा सके और आगे बढ़ सके।

स्टेटस ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम में सभी प्रकार के उद्यमों को सरकार की तरफ से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी चाहे वह नए जमाने को हो या पुराने जमाने के, manufacturing से जुड़े हो या सर्विसेज और ट्रेडिंग से! हर प्रकार के Startup को  सरकार की तरफ से मदद मिलेगी। सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता के साथ state को आगे बढ़ाने की ट्रेनिंग नए उद्यमियों के लिए काफी फ़ायदेमंद साबित होगी।

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स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम का स्कोप – Vision and Scope of SVEP Explained in Hindi

Startup Village Entrepreneurship Programme सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना हैं। लंबे समय तक चलने वाली इस योजना में एक करोड़ से भी अधिक उद्यमों को आगे बढ़ाने में सरकार की तरफ से मदद की जाएगी। इन उद्यमी के आगे बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रो में 2 करोड़ से अधिक लोगो को सीधे रोजगार मिलेगा। अगर सरकार की यह योजना बराबर काम करती हैं इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रो में Entrepreneurship के जरिये आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हो सकेगा।

SVEP का काम ग्रामीण Entrepreneurs के Starups का सेट अप करना और उसे तब तक सपोर्ट करना हैं तब की वह स्टेबल नही हो जाता। इस उप योजना के तहत एसवीईपी ग्रामीण startup की तीन प्रमुख समस्याओं  वित्त, education और कौशल पारिस्थितिक तंत्र का निवारण किया जाएगा। बता दे की योजना के प्रथम चरण में 24 राज्यों के 125 जिलो के 1.82 लाख Village Enterprises की गयी हैं जो की 2015 से 19 तक चला था। आकड़ों के मुताबिक इससे 3.78 लाख तक लोगो को रोज़गार प्राप्त हुआ हैं।

स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम का लाभ किसे मिलेगा? Beneficiaries of Startup Village Entrepreneurship Programme in Hindi

Startup Village Entrepreneur Programme उपयोजना का लाभ गांव के हर उस व्यक्ति को मिलेगा जो की आर्थिक रूप से कमजोर है और अपना खुद का स्टार्टअप करना चाहता हैं! लेकिन मुख्य रूप से कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निम्न को प्राथमिकता दी जाएगी:

  • मनरेगा में काम करने वाले व्यक्ति
  • सीमांत वर्गों के व्यक्ति
  • महिलाएं
  • एससी और ST के व्यक्ति
  • ग्रामीण कारीगर

यानी की इन लोगो को प्राथमिकता मिलेगी। लेकि कार्यक्रम में कोई भी ग्रामीण व्यक्ति शामिल हो सकता हैं, जो अपना स्टार्टअप करना चाहता हैं।]

कोविड के दौरान स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम का महत्वपूर्ण योगदान – SVEP Importance during Covid-19 Lockdown

कोरोनावायरस के दौरान जब देश में लोक डाउन लगाया गया था तब स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। 14 अगस्त 2020 को पब्लिक हुई एक रिपोर्ट के अनुसार 3,18,413 ग्रामीण लोगो corona से बचाव की सामग्री फेस मास्क, सुरक्षात्मक किट और सैनिटाइजिंग का उत्पादन किया। 29 राज्यो की ग्रामीण महिला सदस्यों ने 23.07 करोड़ फेस मास्क, 1.02 लाख लीटर हैंडवाश और 4.79 लाख लीटर से अधिक सैनिटाइज़र का उत्पादन किया।

इस बचाव सामग्री से करीब 903 करोड़ रुपए का उत्पाद हुआ जिससे कि 29,000 रुपये प्रति महिला के हिसाब से आय अर्जित हुई। यह स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम की तरफ से वाकई में एक बड़ा कदम था। कुछ ग्रामीण महिलाओ ने सामुदायिक रसोई को चलाने में मदद की जिससे कि 5.72 करोड़ से अधिक लोगों के लिए विपरीत समय में खाना तैयार करवाया गया था

आज के इस लेख में हमने आपको स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता प्रोग्राम (Startup Village Entrepreneur Programme ) के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की। इस लेख में हमने आपको ‘स्टार्टअप ग्राम उद्यमिता प्रोग्राम क्या है और इसका उद्देश्य क्या है’ के बारे में बताया। अगर आप का इस योजना से जुड़ा हुआ कोई सवाल है तो आप हमसे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं। भविष्य में इस प्रकार की विशेष जानकारी प्राप्त करने के लिए हम से जुड़े रहे।

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