Software Developer कैसे बने? पूरी जानकारी

नमस्कार दोस्तो, स्वागत है आपका एक और शानदार आर्टिकल में जिसमें मैं बताऊंगा सॉफ्टवेयर डेवलपर कैसे बने (software developer kaise bane)? इसके लिए क्या पढ़ाई करनी पड़ती है? इसमें सैलरी कितनी होती है? इससे जुडी सभी जानकारी इस आर्टिकल में मिलेगा, इसलिए शुरू से लेकर अंत तक आर्टिकल को जरूर पढ़े ताकि हर एक जानकारी अच्छे से समझ आ सके. 

प्रतिदिन टेक्नोलॉजी विकसित हो रही है, जिसके कारण टेक्निकल स्किल्स की मांग में बढ़ोतरी देखने मिल रही है. एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान समय में भारत में लगभग 60 लाख से अधिक सॉफ्टवेयर डेवलपर मौजूद है और ये संख्या प्रतिदिन बढ़ते जा रही है.

जितनी भी टेक्नोलॉजी आप अपने आस- पास देखते है, सभी में सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल होता है जिसके जरिए वह टेक्नोलॉजी कार्य करता है. टीवी, मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप, यदि सभी टेक्नोलॉजी डिवाइस सॉफ्टवेयर द्वारा कार्य ही करते है. 

यही कारण है की कई छात्र जिन्हे कंप्यूटर में रूचि है वे सॉफ्टवेयर डेवलपर या इंजिनियर में अपना करियर बनाना चाहते है लेकिन उन्हें ठीक से समझ नहीं आता की वह कौन से डिग्री की पढाई करे तथा कौन से स्किल्स अनिवार्य है यदि आपको एक सॉफ्टवेयर डेवलपर बनना है? 

इन सभी के जवाब आज इस आर्टिकल में बताया है की सॉफ्टवेयर डेवलपर कैसे बने? तो आर्टिकल को पूरा अंत तक जरूर पढ़े.  

Table of Contents

Software Developer कौन होते है?

वह व्यक्ति जो कंप्यूटर या फ़ोन के सॉफ्टवेयर बनाते या उसे develop करते है, वे सॉफ्टवेयर डेवलपर होते है. ये developer विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर की डिजाइनिंग कोडिंग द्वारा करते है. इन्हे कंप्यूटर और प्रोग्रामिंग की अच्छी समझ होती है. आप अपने आस पास जितने भी तरह के apps, ऑपरेटिंग सिस्टम, वीडियो गेम्स, इत्यादि इन सभी के निर्माण के पीछे एक सॉफ्टवेयर होता है, जो इन सॉफ्टवेयर को बिल्ड और मेन्टेन करके रखते है.  

उदाहरण के लिए – पहले लोगो बैंक में घंटो इंतजार करते थे पैसे ट्रांसफर करने के लिए,  लेकिन अब ऐसा नहीं है. आजकल यह बहुत आसान हो गया है सॉफ्टवेयर की मदद से. ऑनलाइन मनी ट्रांसफर ऐप्स जैसे paytm, फोन पे, है जिसके द्वारा आप कुछ ही मिनट में बिना बैंक जाए अपने घर से किसी को भी और कहीं पर पैसे भेज या प्राप्त कर सकते है. 

सॉफ्टवेयर डेवलपर कैसे बने? – Software Developer kaise bane 

software developer kaise bane

सॉफ्टवेयर डेवलपर बनना उतना भी आसान नहीं है लेकिन अगर आपके अंदर इसको लेकर जुनून है और इसमें आपका पैशन है तो आपको ज्यादा परेशानी नही होगी एक बेहतरीन सोफ्टवेयर डेवलपर बनने में. ये करियर उन्ही के लिए सही रहेगा जो कंप्यूटर और प्रोग्रामिंग में रूचि रखते है. 

Software Developer बनने की प्रक्रिया

यदि आपको सॉफ्टवेयर डेवलपर बनना है तो इसके कुछ महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है जिसके बाद ही आप एक सॉफ्टवेयर डेवलपर बनते है. इन सभी प्रक्रिया की स्टेप बाय स्टेप जानकारी निम्न बताई गई है – 

अपना ग्रेडक्शन पूरा करे

सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने का जो पहला कदम है वो यह है की आपको पहले साइंस विषय में कम से कम  ग्रेडक्शन की डिग्री पूरा करना है. जिसका आप कम से कम 60% मार्क्स से पास हो.

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखें 

एक सॉफ्टवेयर डेवलपर का मुख्य कार्य विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर को develop करना होता है, जिसके लिए वह प्रोग्रामिंग करते है. बिना कोडिंग या प्रोग्रामिंग के सॉफ्टवेयर बनाना संभव नहीं है. आपको Java, HTML, CSS, C++, Python, Javascript, इन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की जानकारी होनी चाहिए. जब आप सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का कोर्स करते है, उसमें प्रोग्रामिंग सिखाई जाती है. इसके अतिरिक्त, यदि कोडिंग में आपको और अच्छा बनना है तो ऑनलाइन कई कोडिंग प्लेटफार्म और ऐप्स  है, जहां से कोडिंग स्किल्स को मास्टर किया जा सकता है. बिना कोडिंग स्किल के आप कोई भी सॉफ्टवेयर नहीं बना सकते क्योंकि सॉफ्टवेयर बनाते वक्त डेवलपर कोडिंग करता है, इसलिए कोडिंग सीखने इतना जरूरी है. 

कोडिंग स्किल को मजबूत करे 

एक अच्छा सॉफ्टवेयर डेवलपर वही कहलाता है जिसकी प्रोग्रामिंग स्किल शानदार होता है. अब ये स्किल एक या दो दोनो में बेहतर तो होती नहीं है इसके लिए आपको प्रतिदिन अभ्यास करना पड़ता है. कोडिंग वेबसाइट और ऐप्स है, जिसकी मदद आप कोडिंग की अभ्यास करके अपने आप को बेहतर बना सकते है.   

इसके अतिरिक्त खुद से सॉफ्टवेयर बनाने का प्रयास करे. इससे आपको बहुत कुछ सीखने मिलेगा. सॉफ्टवेयर बनाने के दौरान हो सकता है आप कहीं गलतियां करे लेकिन उन गलतियों से जो सीख मिलता है उससे आप बहुत समझते है. 

दसवीं के बाद साइंस विषय चुने 

सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने की शुरुआत दसवीं कक्षा के बाद से ही हो जाती है. अगर आपने तय कर लिए है की आपको इसी में अपना कैरियर बनाना है तो दसवीं के बाद आपको साइंस स्ट्रीम लेना चाहिए. एक और महत्वपूर्ण बात, जब आप साइंस विषय चुनते है, तो उसकी पढ़ाई अच्छे से करे और बेहतर अंक प्राप्त करे ताकि आगे चलकर जब आप किसी विश्वविद्यालय या कॉलेज में एडमिशन करवाने जाए, उस दौरान ये अंक आपके काम आ सके. अच्छे अंक होने पर आपका एडमिशन अच्छे विश्वविद्यालय में होता है. 

बैचलर डिग्री ले 

साइंस विषय में 12वीं करने के बाद अब कंप्यूटर क्षेत्र या उससे संबंधित क्षेत्रो में bachelor डिग्री पूरा करना होता है. जब बैचलर डिग्री के लिए आप कॉलेज में एडमिशन लेने जाते है तो पहले पता कर ले की उसमें इसकी पढ़ाई होती है या नही. कंप्यूटर साइंस में बैचलर डिग्री की पढ़ाई अच्छा रहता है. इसमें कंप्यूटर तथा सॉफ्टवेयर से जुड़ी स्किल्स सिखाई जाती है.

इस बैचलर डिग्री की अवधि 4 सालो की होती है. डिग्री में आपको उन सभी विषयों को पढ़ाया जाता है जो सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने के लिए अनिवार्य है. इसके अलावा आप डिप्लोमा कोर्स में भी एडमिशन ले सकते है. ये डिप्लोमा कंप्यूटर क्षेत्र से संबंधित होनी चाहिए. कई कंपनियों में डिप्लोमा डिग्री पूरा लिए हुए वाले लोगो की जरूरत रहती है. 

Internship करे

यदि आपको अपनी स्किल बेहतर करनी है और इस फील्ड में मास्टर बनना है तो इसके लिए इंटरशिप से अच्छा और क्या ही होगा. इंटर्नशिप में रियल प्रोजेक्ट पूरा करने मिलता है, जिसको करके आपका अभ्यास तो होता ही है साथ में आपको अच्छे से समझ भी आता है की सॉफ्टवेयर डेवलपर का कार्य क्या होता है और वे ये कार्य कैसे करते है. इन सबकी अच्छी समझ के बाद जब आप नौकरी के लिए आवेदन देते है और आपकी नौकरी लग जाती है तो वहां आपका प्रदर्शन बाकी लोगो से शानदार होता है.

सॉफ्टवेयर डेवलपर की कम्युनिटी में जुड़े

सॉफ्टवेयर डेवलपर की कई ऑनलाइन कम्युनिटी है. जिसमें वो लोग जुड़े होते है. इसमें कुछ सॉफ्टवेयर डेवलपर होते है तो कुछ वो लोग जो इसमें अपना करियर बनना चाहते है. ऐसे लोगो की कम्युनिटी से जुड़े रहकर आपको काफी कुछ सीखने मिलता है, सॉफ्टवेयर डेवलपर के बारे में. इसके साथ ही यदि आपको कहीं परेशानी आती है सॉफ्टवेयर बनाते दौरान तो आप अपना सवाल इन लोगो से पूछ सकते है.

सॉफ्टवेयर डेवलपर की महत्वपूर्ण स्किल्स – Software Developer Skills

जब आप सॉफ्टवेयर डेवलपर बनते है तो आपको अपनी soft skill के ऊपर ध्यान देना पड़ता है ताकि आपकी स्किल हर दिन बेहतर हो सके क्योंकि इस क्षेत्र में प्रतिदिन अनगिनत सॉफ्टवेयर आते रहते है और नई टेक्नोलॉजी भी. ऐसे में यदि आप खुद को अपडेट नहीं रखेंगे तो आप एक अच्छे सॉफ्टवेयर डेवलपर नही बन पाएंगे. वह कौन सी स्किल्स है जिसे सीखना अनिवार्य है. नीचे कुछ सॉफ्ट स्किल बताया गया है जो करियर में सफ़ल होने में मदद करेगी

सॉफ्टवेयर डेवलपर कोर्स कितने साल का होता है

अगर आप कंप्यूटर साइंस में bachelor डिग्री करते है तो उसमें 4 साल लगते है. 

सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने में कितना खर्च है? Software Developer Course Fee

ये पूरी तरह से निर्भर करता है उस कॉलेज के ऊपर जहां से आप कोर्स करते है, क्योंकि सभी कॉलेज में कोर्स की फीस अलग अलग होती है. अगर आप प्राइवेट कॉलेज से करते है तो अधिक पैसे लगते है. वही अगर किसी सरकारी कॉलेज में एडमिशन लेकर डिग्री लेते है, उसमें फीस कम लगती है. सरकारी कॉलेज से पढ़ाई के लिए आपके अंक बहुत अच्छे होने चाहिए.

12वीं के बाद सॉफ्टवेयर डेवलपर कैसे बने? 

यदि आप सॉफ्टवेयर डेवलपर बनना चाहते है तो पहले साइंस विषय में 12वीं कक्षा में कम से कम 60% अंक होने चाहिए तभी आप bachelor डिग्री की पढ़ाई कर पाएंगे. Bachelor डिग्री में कई विकल्प मौजूद है जैसे b.tech, b.sc (computer science), इनमें से किसी भी एक विकल्प का चयन करके डिग्री पूरा कर सकते है. इसके बाद यदि आगे और पढ़ाई करनी है तो फिर कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री करे. मास्टर डिग्री से आपकी नौकरी पाने की संभावना अधिक रहती है.

सॉफ्टवेयर डेवलपर बनाने के लिए कोर्स

वैसे तो कई कोर्स है जिसको करके आप सॉफ्टवेयर डेवलपर बन सकते है. उनमें से कुछ सबसे अच्छे कोर्स के नाम निम्न बताए गए है –

  • BCA (Bachelor in Computer Application)
  • B.Tech in IT (Bachelor in Information Technology)
  • MCA (Master in Computer Application)
  • DCA (Diploma in Computer Application)
  • B.Tech in computer science 

सॉफ्टवेयर डेवलपर के लिए बेस्ट कॉलेज के नाम 

यहां आपको सॉफ्टवेयर इंजीनियर या डेवलपर बनने के लिए भारत में जो भी यूनिवर्टी और कॉलेज है उन सभी के बाद निम्न बताए है –

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, (मुंबई)

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, (कानपुर)

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, (रूढकी)

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, (दिल्ली)

शारदा यूनिवर्सिटी ग्रेटर, (नोएडा)

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, (भोपाल)

पीएसजी कॉलेज ऑफ सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग ,(कोयम्बतूर)

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, (इलाहाबाद)

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, (दुर्गापुर)

मोतीलाल नेहरू इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, (इलाहाबाद)

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, (इंदौर)

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, (इंदौर)

जी एल ए यूनिवर्सिटी, (मथुरा)

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, (बनारस)

सॉफ्टवेयर डेवलपर में कैरियर स्कोप 

किसी भी कैरियर का चुनाव फायदेमंद तभी रहता है, जब भविष्य में उसका अच्छा स्कोप दिखता है साथ ही मांग भी अधिक रहती है. जैसे की मैंने आपको ही पहले बताया कि आधुनिक युग में नई नई टेक्नोलॉजी लगातार आती रहती है जो सॉफ्टवेयर द्वारा कार्य करते है. यही कारण है, कई छात्र सॉफ्टवेयर इंजीनियर या डेवलपर में अपना करियर बनाना चाह रहे है.

अभी और आने वाले कुछ सालो के बाद भी सॉफ्टवेयर डेवलपर में कैरियर सबसे अच्छा रहेगा. लगभग हर tech कंपनी को अपने सॉफ्टवेयर को बनाने और मैनेज करने के लिए सॉफ्टवेयर डेवलपर या सॉफ्टवेयर इंजीनियर की आवश्यकता रहती है. अगर आज से ही आप इसकी तैयारी शुरू कर देते है तो फिर कुछ कमाल कर सकते है. 

सॉफ्टवेयर डेवलपर का वेतन 

हमने software developer kaise bane ये तो देख लिए लेकिन इसमें सैलरी कितना मिलता है? ये भी जानना ज़रूरी है. आपका वेतन निर्भर करता है आपकी कंपनी के ऊपर. सभी कंपनियों में वेतन एक जैसा नही होता. बड़ी कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर की सैलरी अधिक रहती है, वहीं अगर कंपनी अधिक बड़ी न हो, तो मिलने वाला वेतन भी काम रहेगा.

इसका मतलब जितनी बड़ी कंपनी उतनी अच्छी सैलरी. भारत में एक सॉफ्टवेयर डेवलपर की शुरुआती वेतन औसतन 20 हज़ार से 40 हज़ार तक रहती है. उसके बाद जैसे जैसे अनुभव बढ़ता है, सैलरी भी बढ़ती जाती है फिर ये वेतन प्रतिवर्ष 70 से 80 लाख तक भी पहुंच सकता है. 

यदि आप किसी बड़ी मल्टीनेशन कंपनी जैसे गूगल, अमेजन, IBM में कार्य करते है, तो वहां वेतन बहुत अच्छा रहता है. बाद में सालो का अनुभव होने पर सालाना वेतन 1 करोड़ तक भी मिलता है.

सॉफ्टवेयर डेवलपर के कमाने के तरीके 

समान्यता जब कोई अपनी सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की पढ़ाई पूरा कर लेते है तो वह किसी अच्छे कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन देता है. ताकि वह सॉफ्टवेयर डेवलपर के तौर पर कार्य करे और बदले में उसे वेतन मिले. 

इसके अलावा भी एक और तरीका है अपनी सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट स्किल का इस्तेमाल करके पैसे कमाने का. वो है freelancing. कई फ्रीलांसिंग वेबसाइट जैसे fivver, upwork, freelancer है जहां लोग इस स्किल्स से अच्छे खासे पैसे कमा रहे है. सबसे अच्छी बात ये है की इस काम को आप अपने जॉब के साथ भी कर सकते है. 

FAQs 

सॉफ्टवेयर डेवलपर कोर्स कितने साल का होता है?

समान्यता इसके कोर्स की अवधि 3 से 4 साल का होता है, उसके बाद मास्टर डिग्री में अतिरिक्त समय लगता है. 

मैं 10वीं के बाद सॉफ्टवेयर डेवलपर कैसे बन सकता हूं?

जी हां, इसके लिए आपको साइंस विषय चुनना चाहिए और कम से कम 60% अंक से पास होना पड़ेगा.

क्या सॉफ्टवेयर डेवलपर बनना कठिन है?

ये आपके ऊपर निर्भर करता है यदि आपको इसमें रुचि है और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के बारे में जानना अच्छा लगता है तो आपके लिए यह कठिन नही होगा.

क्या आप बिना डिग्री के सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन सकते हैं?

जी हां, कई सॉफ्टवेयर इंजीनियर है जिनके पास कोई डिग्री या सर्टिफिकेशन नही है फिर भी वह अच्छा कर कर रहे है. इस फील्ड में डिग्री से ज्यादा आपकी स्किल्स को महत्व दिया जाता है.

आज आपने क्या सीखा? 

आज के इस आर्टिकल में हमने software developer क्या है? Software developer kaise bane?  इनका कितना वेतन है तथा यदि आपको इसमें अपना कैरियर बनाना है तो इसकी क्या प्रक्रिया होगी, आपको क्या पढ़ाई करनी पड़ेगी, कौन से कोर्स करना होगा, आदि सभी की जानकारी इसमें मैंने विस्तार में बताया है।

उम्मीद है, मैंने आपको जो software developer in hindi, software developer kaise bane की जानकारी बताई, वो आपको पसंद आया होगा। इस आर्टिकल को अपने दोस्तो के साथ शेयर करना ना भूले ताकि उन्हें भी सॉफ्टवेयर डेवलपर की ये जानकारी मिल सके।

अगर software developer kaise bane इससे संबंधित आपका कोई सवाल है तो कॉमेंट बॉक्स में पूछ सकते है।

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